13 जून, 2024: हरियाणा की जनता अब बदलाव चाहती है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनना तय है।– कुमारी शैलजा, सिरसा से कांग्रेस सांसद
20 जून, 2024: BJP को चुनौती देना चाहता हूं कि लोकसभा में आपको हाफ कर दिया, विधानसभा में साफ कर देंगे।– दीपेंद्र सिंह हुड्डा, रोहतक से कांग्रेस सांसद
90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा में BJP सरकार तो चला रही है, लेकिन बहुमत सवालों के घेरे में है। वहीं, लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस विधानसभा चुनाव में भी जीत का दम भर रही है। हरियाणा में इसी साल सितंबर तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
BJP-कांग्रेस के पास 5-5 लोकसभा सीटें हैं। इन नतीजों को विधानसभा के हिसाब से देखें, तो कांग्रेस को 46 सीटों पर बढ़त है, जबकि BJP 44 सीटों पर आगे है। BJP के लिए चिंता की बात ये है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का वोट शेयर बढ़ने के बजाय 12% घटा है, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 20% बढ़ा है।
हालांकि, हरियाणा BJP के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ इन नतीजों में भी पॉजीटिविटी देख रहे हैं। उनका मानना है कि ये तीसरी पारी थी, इसलिए एंटी इनकम्बेंसी का थोड़ा असर दिख रहा है।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि सभी 90 विधानसभा सीटों पर हमारा वोट शेयर बढ़ा है। प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है।
BJP सरकार ने घोषणाओं की झड़ी लगाई, कांग्रेस की विधानसभा भंग करने की मांग
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तरीखों का ऐलान अभी होना है, लेकिन यहां सियासी हलचल तेज है। BJP ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को सह प्रभारी बनाया है।
इधर, प्रदेश के CM नायब सिंह सैनी ने कई घोषणाएं की हैं। इसमें अगले दो महीनों में 50,000 नौकरियां और गरीबी रेखा से नीचे हर परिवार को 100 वर्ग गज के प्लॉट मुफ्त देने का ऐलान शामिल है। अंत्योदय परिवार परिवहन योजना के तहत 1000 किमी तक मुफ्त बस यात्रा भी शामिल है।
दलबदल की सियासत भी तेज हो गई है। हरियाणा के पूर्व CM चौधरी बंसीलाल की बहू और विधायक किरण चौधरी कांग्रेस से इस्तीफा देकर 19 जून को BJP में शामिल हो गईं। उन्होंने अपनी बेटी और पूर्व सांसद श्रुति चौधरी के साथ BJP की सदस्यता ली है।
वहीं, कांग्रेस के पास चुनाव के बाद शुरू हुई कलह और 10 सालों का सूखा खत्म करने की चुनौती है। प्रदेश के पूर्व CM और कांग्रेस लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 जून को राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने हरियाणा सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
एक्सपर्ट: 10 साल की एंटी इनकम्बेंसी है, BJP नैरेटिव भी नहीं सेट कर पाई
हरियाणा में लोकसभा के नतीजों और विधानसभा चुनाव को लेकर हमने जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एनालिस्ट आदेश रावल से बात की। वे कहते हैं, ‘हरियाणा में क्लोज फाइट है। अभी के आंकड़ों से ऐसा नहीं लगता कि विधानसभा चुनाव में कोई भी पार्टी क्लीन स्वीप कर सकती है। दोनों चुनाव के पैटर्न अलग हैं और मुद्दे भी अलग-अलग होते हैं।’
आदेश कहते हैं, ‘10 साल PM मोदी और मनोहर लाल खट्टर केंद्र और राज्य में साथ रहे। 10 साल डॉ मनमोहन सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा साथ रहे। इस ट्रेंड को देखे तो हरियाणा हमेशा से सेंटर के साथ जाता रहा है। अगर इस बार कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीतती है, तो ये पैटर्न टूट जाएगा।’
वे आगे कहते हैं, ‘BJP के खिलाफ 10 साल की एंटी इनकम्बेंसी है। BJP ने विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले अपना मुख्यमंत्री बदल दिया, लेकिन उसे लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिला। BJP अंबाला लोकसभा सीट हार गई, जो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गृह जिला है। ये BJP के लिए सेटबैक है।’




