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अजय को नजरअंदाज करना कांग्रेस को पड़ सकता है भारी

कोरबा। कटघोरा विधानसभा से पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल को नजर अंदाज करना कांग्रेस पार्टी को भारी पड़ सकता है।
खास बात यह है कि उनकी पत्नी वर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रीना अजय जयसवाल ने भी कटघोरा विधानसभा से अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर दी है। जायसवाल दंपत्ति लगातार कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में काफी सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने खासा जनाधार तैयार कर लिया है। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में, अजय जायसवाल दूसरी राजनीतिक पार्टी या निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं। उनके चुनाव लड़ने से कांग्रेस को कितना नुकसान और भाजपा को कितना फायदा होगा, यह आने वाला समय बताएगा। इस समीकरण को लेकर चर्चाओं का दौर  जारी है। कटघोरा विधानसभा के तमाम दावेदारों ने अपनी दावेदारी कटघोरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजीव लखनपाल के पास सौंप दी है। कुल 28 दावेदारों ने अपना दावा प्रस्तुत किया है। इनमें जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण जिला अध्यक्ष हरीश परसाई, जिला शहर कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल, नगर निगम कोरबा के पूर्व से सभापति संतोष राठौर, पाली से सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा, नगर निगम कोरबा के सभापति श्याम सुंदर सोनी, कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष उषा तिवारी व अन्य शामिल है। 28 दावेदारों में से स्कूटनी के बाद कटघोरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव लखन पाल को पांच नाम संगठन को भेजने हैं। जानकारी दी गई है कि तीन नाम जिला संगठन की ओर से पार्टी को भेजें जाएंगे। बताया यह भी जा रहा है कि पार्टी ने तमाम 28 दावेदारों की सूची मुख्यालय मंगवाई है। दावेदारों की सूची का परीक्षण करने के बाद कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगी। आकाश टाइम्स से चर्चा करते हुए अजय जायसवाल ने कहा कि मैंने टिकट की दावेदारी की है। वर्तमान प्रत्याशी पुरुषोत्तम कंवर कमजोर प्रत्याशी हैं। उन्हें उम्मीद है की पार्टी उन्हें कटघोरा से मौका देगी। उन्होंने कहा कि वे हाई कमान के निर्देश का पालन करेंगे।

एआईसीसी ने लगाई सीटों को बदलने पर रोक


ऐसी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था कि, कटघोरा विधानसभा आरक्षित सीट है,अरसे  से इस सीट के दावेदार आवाज उठा रहे थे कि, आदिवासी वर्ग के प्रत्याशी की बजाय सामान्य उम्मीदवार को मौका दिया जाए। हाल ही में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महामंत्री के सी वेणुगोपाल ने रायपुर प्रवास के दौरान स्पष्ट कर दिया कि, पार्टी सीटों में कोई बदलाव नहीं करेगी। उन्ही प्रत्याशियों को मौका दिया जाएगा, जो जीत की कसौटी पर खरे उतरेंगे। इस निर्देश के बाद यह साफ हो गया कि कटघोरा से पुनः वर्तमान विधायक पुरुषोत्तम कंवर का दावा प्रबल है।

कटघोरा विधानसभा के आंकड़ों पर नजर

कटघोरा विधानसभा के आंकड़ों पर यदि नजर दौड़ाई जाए तो, 2008 में बोधराम कंवर को 38 हजार मत मिले थे। उन्होंने भाजपा के ज्योति नंद दुबे को 7000 मतों से परास्त किया था। ज्योति नंद दुबे को 31हजार 963 वोट मिले थे। 2013 में भाजपा ने लखन लाल देवांगन को मैदान में उतारा। लखन लाल देवांगन को 61 हजार 646 वोट मिले। उन्होंने बोधराम कंवर को 13 हजार 130 मतों से हरा दिया। 2018 में कांग्रेस ने बोघ राम कंवर के पुत्र पुरुषोत्तम कंवर को लखन लाल देवगन के खिलाफ मैदान में उतारा। पुरुषोत्तम कंवर ने लखनलाल देवांगन को 11 हजार 511 वोटो से हरा दिया।

अजय जायसवाल
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