छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर हमला और भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया। इसके विरोध में गुरुवार को दोपहर 12 बजे कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल डीजीपी अशोक जुनेजा से मिला। इन घटनाओं की जांच की मांग की।
भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और 150 से ज्यादा कांग्रेसियों पर एफआईआर के विरोध में भी कांग्रेस प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन करेगी। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

रास्ते में सिरसा गेट के पास बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन के लोग विशेष संप्रदाय के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सुरक्षा अधिकारी का आरोप है कि, पूर्व सीएम के काफिले को सिरसा गेट पर प्रदर्शनकारियों ने रुकवा लिया।
जब वो गाड़ी से उतर प्रदर्शनकारियों से बात करने गए, तो अभद्र नारे लगाने लगे। जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका तो धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने पूर्व सीएम को सुरक्षित तरीके से उनकी गाड़ी में बैठाया और वहां से दुर्ग के लिए रवाना हो गए।
दो दिन पहले भिलाई में भूपेश बघेल का काफिला रोकने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। धरना स्थल से सभी को खदेड़ा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। जिससे जामुल थाना प्रभारी की नाक पर चोट आई थी।
इस बीच भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा कि, एसपी दुर्ग और उनके आका ठीक तरह से समझ लें। सत्ता उलटती-पलटती रहती है, काम ऐसे ही कीजिएगा कि भविष्य में आंख मिला सकें।
दरअसल, मंगलवार को भिलाई सिरसा गेट के पास जमा होकर कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे थे। यहां से सभी भिलाई-3 थाना घेरने जाने वाले थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। दुर्ग एसपी के मुताबिक बिना परमिशन कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे थे।

