छत्तीसगढ़ मॉब लिंचिंग केस में दुर्ग से पहली गिरफ्तारी:गर्लफ्रेंड के घर छुपकर बाहर से लगाया था ताला;घटना में 3 लोगों की गई थी जान
छत्तीसगढ़ में हुई मॉब लिंचिंग की घटना में शनिवार को SIT ने पहली गिरफ्तारी की है। रायपुर का रहने वाला 23 साल का आरोपी हर्ष मिश्रा दुर्ग में अपनी महिला मित्र के घर में छिपा हुआ था। पुलिस को गुमराह करने के लिए घर के दरवाजे पर बाहर से ताला भी लगाया गया था।
7 जून को सहारनपुर के 2 युवकों की छत्तीसगढ़ में मॉब लिंचिंग में हत्या कर दी गई। आधी रात को आरंग थाना क्षेत्र में 3 युवक एक ट्रक में जानवर भरकर ले जा रहे थे। एक पुलिस अफसर के मुताबिक रास्ते में 10-12 युवकों ने उनका पीछा किया। उन लोगों ने ट्रक को महानदी पुल पर घेर लिया और तीनों युवकों की पिटाई कर दी।

15 दिन बाद SIT के हाथ लगा आरोपी
इस मामले की जांच पड़ताल के लिए रायपुर SSP ने SIT का गठन किया है। स्पेशल जांच टीम का नेतृत्व रायपुर ग्रामीण एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर को सौंपा गया है। इसके अलावा टीम में करीब 14 पुलिस अफसर शामिल हैं। वारदात के करीब 15 दिन बीत जाने के बाद पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ है।
फिलहाल घटना में और कितने लोग शामिल थे, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। हालांकि SIT के अधिकारियों का दावा है, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।

18 जून को ही तीसरे युवक ने भी तोड़ दिया था दम
मॉब लिंचिंग मामले में तीसरे युवक सद्दाम कुरैशी ने मंगलवार को दम तोड़ दिया था। सद्दाम पिछले 12 दिनों से गंभीर हालत में रायपुर के अस्पताल में भर्ती था। शासन ने इस मामले में SIT का गठन किया था, लेकिन उसके बयान लेने से पहले ही सद्दाम की मौत हो गई। इस वारदात में 2 युवकों की पहले ही मौत हो चुकी है। सद्दाम वारदात का इकलौता गवाह था।




