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पत्नी के दाएं हाथ का पंजा काटने वाला पति भुगतेगा 10 साल की सजा

बिलासपुर bilaspur news । धारदार हथियार से पत्नी का दाहिने हाथ का पंजा काटकर अलग करने वाले पति को निचली अदालत court ने 10 साल की सजा और 1,200 रुपये जुर्माना ठोका है। जुर्माने की राशि जमा ना करने पर सात महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने अपने फैसले में इसे गंभीर प्रकृति का अपराध माना है। पीड़िता को तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश भी दिया है। chhattisgarh news मामले की सुनवाई षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में हुई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि आरोपित प्रशांत लाल उर्फ मोंटू को भारतीय दंड संहिता की धारा- 459, 506, 307 के आरोप में दोषसिद्ध किया जाता है। आरोपित के विरुद्ध प्रमाणित पाये गये अपराध की प्रकृति और उसके स्वरूप को देखते हुए आरोपित को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ दिया जाना उचित प्रतीत नहीं हो रहा है। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में फैसला सुनाया है। भादवि की धारा 459 के तहत 10 साल की सजा और 500 रुपये जुर्माना व तीन महीने की सजा, भादवि की धारा 506 के तहत दो साल की सजा, 200 रुपये जुर्माना पटाना होगा। जुर्माने की राशि ना पटाने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा, भादवि की धारा 307 के तहत 10 साल की सजा, 500 रुपये जुर्माना व तीन महीने की सजा का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि सभी सजा एक साथ चलेगी। जुर्माना की राशि जमा ना करने पर सात महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। chhattisgarh निचली अदालत ने पीड़िता के प्रति संवेदना दिखाते हुए अपने फैसले में कहा है कि हमले में पीड़िता 50 प्रतिशत दिव्यांग हो गई है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण क्षतिपूर्ति के रूप में तीन लाख रुपये देने के निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है। इस संबंध में अग्रिम कार्यवाही के लिए निर्णय की एक प्रति सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

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