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छत्तीसगढ़ में आदिवासी छात्राओं से साफ कराया टॉयलेट:हॉस्टल में न खाना, न बिस्तर; कलेक्टर से बोलीं-नहाने के लिए भी बाहर भेजती है वार्डन

बलरामपुर जिले में आदिवासी छात्राओं से हॉस्टल का टॉयलेट साफ कराया जाता है। न खाना मिलता है और न सोने के लिए बिस्तर दिया जाता है। इसे लेकर प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास की छात्राओं ने कमिश्नर और कलेक्टर से शिकायत की है।

छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल वॉर्डन नीलिमा खलखो उन्हें प्रताड़ित करती है। हॉस्टल से बाहर नहाने के लिए भेजती है। अब उन्हें हॉस्टल से बाहर करने की धमकी दे रही है। मामला प्रदेश के कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार के गृह ग्राम सानवाल का है।

छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन की शिकायत कलेक्टर से की है।
छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन की शिकायत कलेक्टर से की है।

वार्डन कहती हैं- तुम लोग पढ़ने नहीं, हाथी की तरह बढ़ने आए हो

छात्राओं ने दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नहीं देने का आरोप लगाया है। छात्राओं ने बताया कि उन्हें कंबल तक नहीं दिया जाता। सही से खाना भी नहीं मिलता है। कई बार नीचे सोए हैं। छात्रा ने बताया कि लाइट कट जाती है तो हॉस्टल वार्डन उन्हें बाहर नहाने भेजती है। घर वाले समय पर लेने नहीं आते तो हॉस्टल से बाहर निकाल देती है। हॉस्टल वार्डन कहती है कि तुम लोग पढ़ने नहीं आए हो हाथी की तरह बढ़ने आए हो।

हॉस्टल से निकालने की धमकी

पीड़ित छात्राओं में ज्यादातर पंडो जनजाति की हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत प्राचार्य से की थी। जिसके बाद वार्डन ने हॉस्टल से निकालने की धमकी दी। 6-7 छात्राएं हैं जिन्हें वार्डन से बाहर निकालने की धमकी दी है।

बलरामपुर में आदिवासी छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर लगाए गंभीर आरोप।

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